हिमाचल-उत्तराखंड सीमा पर बुधवार को परिवहन विभाग ने बड़ी कार्रवाई करते हुए नियमों का उल्लंघन करने वाले कई कमर्शियल वाहनों के खिलाफ सख्त कदम उठाए। आरटीओ सोना चंदेल के नेतृत्व में विभागीय टीम ने ओवरलोडिंग और बिना परमिट चल रहे वाहनों की शिकायतों के बाद मीनस बॉर्डर पर विशेष नाका लगाया। इस दौरान करीब 90 से 95 कमर्शियल वाहनों की गहन जांच की गई। जांच टीम में राजेश, रणबहादुर, हरजीत सिंह और मुन्ना लाल भी शामिल रहे। जांच के दौरान उत्तराखंड, हरियाणा और कुछ हिमाचल प्रदेश के कई वाहन बिना वैध परमिट और टैक्स के संचालित होते पाए गए। नियमों की अनदेखी करने वाले ऐसे करीब 30 वाहनों के चालान किए गए और कुल 5.49 लाख रुपए का जुर्माना वसूला गया।
जांच के दौरान उत्तराखंड की एक निजी बस को भी रोका गया, जिसमें 8 से 10 यात्री सवार थे, लेकिन कंडक्टर द्वारा किसी भी यात्री को टिकट जारी नहीं किया गया था। यह गंभीर नियम उल्लंघन पाए जाने पर विभाग ने बस के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की। उल्लेखनीय है कि इससे पहले पांवटा साहिब क्षेत्र में भी परिवहन विभाग ने एक निजी बस के खिलाफ इसी तरह की कार्रवाई की थी, जिसमें यात्रियों को टिकट नहीं दिया गया था।

कार्रवाई के दौरान पांवटा साहिब-शिलाई हाईवे पर खजियार खाला के पास एक ट्रक को भी रोका गया। ट्रक चालक ‘परदेसी परदेसी तू जाना नहीं’ धुन वाला प्रैशर हॉर्न बजाते हुए पाया गया। जांच में प्रैशर हॉर्न और अन्य अवैध ध्वनि उपकरण नियमों के खिलाफ पाए गए, जिसके चलते चालक पर 5000 रुपए का जुर्माना लगाया गया। मौके पर ही अवैध हॉर्न और उपकरण जब्त कर ट्रक से हटवा दिए गए और चालक को भविष्य में नियमों का पालन करने की सख्त चेतावनी दी गई।
आरटीओ सोना चंदेल ने बताया कि विभाग को लगातार ओवरलोडिंग और बिना परमिट व टैक्स के वाहनों के संचालन की शिकायतें मिल रही थीं, जिसके चलते यह विशेष अभियान चलाया गया। उन्होंने कहा कि सड़क सुरक्षा और सरकारी राजस्व की सुरक्षा विभाग की प्राथमिकता है और आगे भी ऐसे मामलों में सख्त कार्रवाई जारी रहेगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि प्रैशर हॉर्न का इस्तेमाल पूरी तरह प्रतिबंधित है और ऐसे मामलों में मौके पर ही उपकरण जब्त कर चालान किया जाएगा।
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