Himachal: गुजरात के द्वारिका में हिमाचल के छात्रों से मिले केवल सिंह पठानिया, बोले– वी-वॉक शिक्षा बन रही ग्रामीण युवाओं की रोजगार की सबसे बड़ी ताकत

हिमाचल प्रदेश सरकार के उपमुख्य सचेतक और शाहपुर से विधायक केवल सिंह पठानिया इन दिनों हिमाचल प्रदेश विधानसभा की पब्लिक अकाउंट्स कमेटी के सदस्य के रूप में गुजरात के द्वारिका दौरे पर हैं। इस दौरे का मुख्य उद्देश्य प्राकृतिक खेती के सफल मॉडलों का अध्ययन करना है, ताकि उन्हें हिमाचल प्रदेश में और अधिक प्रभावी व टिकाऊ तरीके से लागू किया जा सके।

द्वारिका प्रवास के दौरान केवल सिंह पठानिया की राजकीय महाविद्यालय धर्मशाला के वी-वॉक विभाग के विद्यार्थियों से आत्मीय मुलाकात हुई। ये विद्यार्थी वोकेशनल एजुकेशन हॉस्पिटैलिटी एंड टूरिज्म पाठ्यक्रम के तहत गुजरात में देश और अंतरराष्ट्रीय स्तर के प्रतिष्ठित ब्रांड्स में प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे हैं। विद्यार्थियों में बंटू, रवि, प्रवेश, सुजल, ओम प्रकाश, अनिल, मुस्कान, रूचि और तमन्ना शामिल हैं।

विद्यार्थियों से बातचीत के दौरान केवल सिंह पठानिया ने डिग्री कॉलेज धर्मशाला के वी-वॉक विभाग की खुलकर सराहना की। उन्होंने कहा कि यह पाठ्यक्रम ग्रामीण पृष्ठभूमि से आने वाले युवाओं के लिए किसी वरदान से कम नहीं है, क्योंकि डिग्री पूरी करते ही उन्हें रोजगार के अवसर मिलने लगते हैं। उन्होंने बताया कि इस कोर्स को पूरा करने के बाद कई छात्र न केवल देश के बड़े संस्थानों में बल्कि विदेशों में भी सफलतापूर्वक प्लेस हुए हैं, जो पूरे हिमाचल के लिए गर्व की बात है।

केवल सिंह पठानिया ने कहा कि वी-वॉक जैसी शिक्षा युवाओं को केवल नौकरी तक सीमित नहीं रखती, बल्कि उन्हें आत्मनिर्भर और उद्यमी बनने की दिशा में भी प्रेरित करती है। उन्होंने बताया कि कई विद्यार्थियों ने इस डिग्री के बाद कुछ समय नौकरी करने के पश्चात पर्यटन क्षेत्र में अपने स्वयं के स्टार्टअप शुरू किए हैं और आज वे अन्य युवाओं को भी रोजगार दे रहे हैं।

उन्होंने विशेष रूप से यह भी उल्लेख किया कि इनमें से कुछ विद्यार्थी उनके शाहपुर विधानसभा क्षेत्र के धारकंडी इलाके से हैं। उन्होंने कहा कि जब अपने क्षेत्र और प्रदेश के बच्चों को दूसरे राज्यों में मेहनत करते और आगे बढ़ते हुए देखा जाता है, तो यह अत्यंत गर्व और संतोष का विषय होता है।

केवल सिंह पठानिया ने इस उपलब्धि का श्रेय मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुखू के नेतृत्व को देते हुए कहा कि वर्तमान प्रदेश सरकार शिक्षा में कौशल विकास पर विशेष ध्यान दे रही है। सरकार का लक्ष्य है कि शिक्षा केवल डिग्री तक सीमित न रहकर रोजगार और स्वरोजगार का माध्यम बने। उन्होंने कहा कि हिमाचल जैसे पर्वतीय राज्य से निकलकर ग्रामीण क्षेत्र के विद्यार्थी गुजरात और अंतरराष्ट्रीय ब्रांड्स तक पहुंच रहे हैं, यह प्रदेश में दी जा रही वोकेशनल शिक्षा की गुणवत्ता और उपयोगिता को साबित करता है।

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