Himachal: चिट्टा के खिलाफ जंग तेज: मुख्यमंत्री सुक्खू की जीरो टॉलरेंस नीति के तहत बैंक कर्मचारियों ने ली नशा-मुक्त हिमाचल की शपथ

हिमाचल प्रदेश में नशे के बढ़ते खतरे, खासकर चिट्टा जैसी घातक ड्रग्स के खिलाफ मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू के नेतृत्व में प्रदेश सरकार ने सख्त रुख अपनाया है। मुख्यमंत्री की जीरो टॉलरेंस नीति और स्पष्ट दिशा-निर्देशों के तहत शनिवार को हिमाचल प्रदेश राज्य सहकारी कृषि एवं ग्रामीण विकास बैंक के अधिकारियों और कर्मचारियों ने एकजुट होकर नशा-मुक्त समाज के निर्माण की शपथ ली।

कार्यक्रम के दौरान वक्ताओं ने कहा कि देवभूमि हिमाचल की शांत और सुरक्षित पहचान को बनाए रखने के लिए नशे को जड़ से खत्म करना बेहद जरूरी है। मुख्यमंत्री का साफ संदेश है कि यह लड़ाई केवल सरकार या पुलिस की नहीं, बल्कि समाज के हर वर्ग की साझा जिम्मेदारी है। इसी सोच के तहत बैंक परिसर में आयोजित इस कार्यक्रम में नशे के खिलाफ जागरूकता पर विशेष जोर दिया गया।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए बैंक के अध्यक्ष संजय सिंह चौहान ने कहा कि नशा केवल एक व्यक्ति को नहीं, बल्कि पूरे परिवार और समाज को भीतर से खोखला कर देता है। उन्होंने चिंता जताई कि प्रदेश की युवा पीढ़ी इस खतरे का सबसे बड़ा शिकार बन रही है। चौहान ने कर्मचारियों से आह्वान किया कि एक जिम्मेदार बैंककर्मी और जागरूक नागरिक होने के नाते उनका दायित्व है कि वे स्वयं नशे से दूर रहें और अपने ग्राहकों व समाज के युवाओं को भी इसके दुष्परिणामों के प्रति सचेत करें। उन्होंने कहा कि ईमानदारी और सामाजिक जिम्मेदारी से ही एक स्वस्थ और सुरक्षित समाज का निर्माण संभव है।

समारोह के दौरान बैंक के सभी अधिकारियों और कर्मचारियों ने चिट्टा-मुक्त और नशा-मुक्त हिमाचल के लिए पूरी निष्ठा से योगदान देने का संकल्प लिया। यह शपथ केवल औपचारिकता नहीं, बल्कि रोजमर्रा के जीवन में अनुशासन और जागरूकता अपनाने का वचन थी। इस अवसर पर बैंक के निदेशक मंडल के सदस्य देवेंद्र नेगी, सतीश कुमार बक्सेठ, अश्वनी कुमार और देवी सिंह जिष्टू भी मौजूद रहे। कार्यक्रम का समापन नशा विरोधी अभियान में सक्रिय भूमिका निभाने के संकल्प के साथ किया गया।

For advertisements inquiries on HIM Live TV, Kindly contact us!

Connect with us on Facebook and WhatsApp for the latest updates!