Himachal: एचआरटीसी की पुरानी बसें बनीं मुसाफिरों की मुसीबत, धर्मशाला से लुधियाना जा रही बस बीच रास्ते में हुई खराब

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हिमाचल पथ परिवहन निगम (एचआरटीसी) की बसें अब यात्रियों के लिए भरोसेमंद साधन कम और परेशानी का कारण अधिक बनती जा रही हैं। अक्सर सड़कों पर हांफती, रुकती और बीच रास्ते में खराब हो रही ये बसें यात्रियों की सहनशक्ति की परीक्षा ले रही हैं। हाल ही में ऐसा ही एक मामला सामने आया जब धर्मशाला से लुधियाना जा रही एचआरटीसी की बस बीच सफर में ही बंद हो गई।

जानकारी के अनुसार, यह बस राष्ट्रीय राजमार्ग-503 पर रानीताल-मुबारिकपुर मार्ग में ढलियारा बाजार के पास खराब हो गई। बस के सड़क के बीच में रुक जाने से वहां लंबा जाम लग गया। यह बस पूरी तरह यात्रियों से भरी हुई थी, लेकिन अपने गंतव्य लुधियाना तक पहुंचने से पहले ही तकनीकी खराबी के चलते बंद हो गई। बस चालक ने बताया कि सेंटर बैरिंग की रबड़ निकल जाने से बस को आगे ले जाना संभव नहीं था।

बस रुकने के बाद परिचालक ने सभी यात्रियों को उनका किराया वापस लौटा दिया। इसके बाद यात्रियों को एक दूसरी बस में बैठाकर होशियारपुर तक भेजा गया ताकि वे किसी तरह अपने गंतव्य तक पहुंच सकें। इस घटना के दौरान बस में सवार यात्रियों ने अपनी नाराजगी जाहिर की।

एक यात्री कृष्ण ने बताया कि बस दोपहर 11 से 12 बजे के बीच धर्मशाला से रवाना हुई थी और करीब 2 बजे ढलियारा पहुंचते ही खराब हो गई। कंडी रोड से सवार हुए अजय ने कहा कि एचआरटीसी की बसें अक्सर धोखा दे जाती हैं और यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ता है। शशि नाम के यात्री ने कहा कि विभाग को चाहिए कि लंबी दूरी की बसों को रवाना करने से पहले उनकी अच्छी तरह से मैकेनिकल जांच करवाई जाए। वहीं, बच्चों के साथ यात्रा कर रहीं अंजू ने बताया कि वह लुधियाना जा रही थीं, लेकिन बस बीच रास्ते में ही बंद हो गई, जिससे उन्हें और उनके बच्चों को काफी असुविधा हुई।

इस बस की ऑनलाइन जानकारी निकालने पर पता चला कि यह बस वर्ष 2013 में रजिस्टर्ड हुई थी और इसका रोड टैक्स भी 30 जून 2025 को समाप्त हो चुका है। इसका मतलब यह है कि यह बस बिना टैक्स अपडेट किए ही सड़कों पर दौड़ रही थी, जो नियमों का उल्लंघन है।

इस घटना ने एक बार फिर एचआरटीसी की व्यवस्था और बसों की स्थिति पर सवाल खड़े कर दिए हैं। यात्रियों की सुरक्षा और सुविधा को नजरअंदाज कर जिस तरह से तकनीकी रूप से कमजोर और पुराने वाहनों को चलाया जा रहा है, वह चिंता का विषय है।

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