Kullu: नूरम सिंह का साहसिक संदेश बना सैंकड़ों की जिंदगी का रक्षक: जीवा नाला की बाढ़ में बची अनगिनत जानें

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हिमाचल प्रदेश के कुल्लू जिले के सैंज घाटी में उस समय अफरा-तफरी मच गई जब जीवा नाला में अचानक भयंकर बाढ़ आ गई। इस प्राकृतिक आपदा के दौरान एक साधारण लेकिन अत्यंत प्रभावशाली व्हाट्सएप ऑडियो संदेश ने सैंकड़ों लोगों की जान बचा ली। यह संदेश एनएचपीसी में कार्यरत स्थानीय युवक नूरम सिंह ने मझान क्षेत्र से भेजा था, जहां वे खुद खराब मौसम और कमजोर मोबाइल नेटवर्क के बीच फंसे हुए थे। नूरम ने संदेश में कहा, “दोस्तों जीवा नाला में भयंकर फ्लड आया। साइड हो जाओ… साइड हो जाओ…। सिग्नल की कमी से अधिक जानकारी नहीं दे पा रहा हूं।” यही अलर्टिंग मैसेज कुछ ही मिनटों में इलाके के कई व्हाट्सएप ग्रुप्स में फैल गया और लोगों ने इसे अपने रिश्तेदारों तथा जानने वालों को तेजी से साझा किया।

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इस चेतावनी का असर इतना व्यापक हुआ कि सैंज बाजार और नदी किनारे बसे गांवों जैसे बक्शाहल, त्रेडा, बिहाली, स्पॉन्गनी और तलाड़ा के लोग, जो उस समय खेतों में काम कर रहे थे, तुरंत सुरक्षित स्थानों की ओर निकल गए। संदेश के आने के ठीक 22 मिनट बाद जीवा नाला का बाढ़ का पानी पिन पार्वती नदी में मिला और इसने भयंकर रौद्र रूप धारण कर लिया। बाढ़ ने कई मकानों और खेतों को नुकसान पहुंचाया, लेकिन समय रहते चेतावनी मिलने से भारी जानमाल की हानि टल गई।

नूरम सिंह ने बताया कि जिस समय उन्होंने यह संदेश भेजा, उस समय क्षेत्र में भारी बारिश हो रही थी और नाले में अचानक तेज आवाज के साथ पानी बहना शुरू हो गया था। नेटवर्क की बेहद खराब स्थिति के बावजूद उन्होंने किसी तरह यह संदेश भेजा। उनकी सूझबूझ और तत्परता की अब हर ओर सराहना हो रही है। सोशल मीडिया पर लोग उन्हें ‘सच्चा हीरो’ कह रहे हैं और उनके इस कदम की खुलकर तारीफ कर रहे हैं। खुद नूरम ने भी कहा कि वह पल वह जीवनभर नहीं भूल पाएंगे और उन्हें इस बात की खुशी है कि उनके छोटे से प्रयास ने सैंकड़ों लोगों की जान बचाने में योगदान दिया।

इस घटना ने यह साफ कर दिया कि किसी भी आपदा के समय एक सजग नागरिक की भूमिका कितनी महत्वपूर्ण हो सकती है। नूरम सिंह की यह सूझबूझ आने वाले समय में कई लोगों के लिए प्रेरणा का स्रोत बनेगी।

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