Himachal: कैंसर से ठीक होने के बाद भी रहता है खतरा, लापरवाही पड़ सकती है भारी – विशेषज्ञों की चेतावनी

कैंसर जैसी घातक बीमारी से ठीक हो जाना जीवन की दूसरी शुरुआत मानी जाती है, लेकिन विशेषज्ञों का कहना है कि इलाज के बाद भी यह बीमारी दोबारा हो सकती है। शिमला के कैंसर अस्पताल में मरीजों की ठीक होने की दर 60 से 80 प्रतिशत है, लेकिन यदि मरीज सावधानी नहीं बरतते तो वे फिर से इस बीमारी की चपेट में आ सकते हैं।

Advertisement – HIM Live Tv

कैंसर क्यों लौटता है?

डॉक्टरों के अनुसार निम्नलिखित कारणों से कैंसर फिर से हो सकता है:

  1. बची हुई कोशिकाएं: कुछ कैंसर कोशिकाएं इलाज के दौरान पूरी तरह खत्म नहीं होतीं और बाद में फिर से बढ़ सकती हैं।
  2. इलाज के प्रति प्रतिरोध: कुछ कोशिकाएं इलाज को झेल जाती हैं और धीरे-धीरे प्रतिरोधक बन जाती हैं।
  3. नई कैंसर कोशिकाएं: इलाज के बाद भी कुछ कोशिकाएं रूपांतरित होकर नए प्रकार के कैंसर का कारण बनती हैं।

कैंसर की पुनरावृत्ति के प्रकार:

  1. स्थानीय: वही जगह जहां ट्यूमर पहले था।
  2. क्षेत्रीय: आसपास के ऊतकों और लिम्फ नोड्स में फैलाव।
  3. दूरस्थ: शरीर के अन्य हिस्सों जैसे फेफड़े, लिवर, हड्डियों में फैलाव।

कैंसर की वापसी का पता कैसे लगाएं?

नियमित जांच और निगरानी बहुत जरूरी है। इसमें शामिल हैं:

  • ब्लड टेस्ट
  • एक्स-रे, सीटी स्कैन, एमआरआई
  • बायोप्सी

हर 1-2 महीने में डॉक्टर के पास फॉलोअप जांच कराना बेहद आवश्यक है।

पुनरावृत्त कैंसर का इलाज कैसे होता है?

इलाज कैंसर के प्रकार, स्टेज और पिछली दवाओं के आधार पर किया जाता है:

  • सर्जरी
  • कीमोथैरेपी
  • रेडिएशन थैरेपी
  • इम्यूनोथैरेपी या टार्गेटेड थैरेपी

जीवनशैली में बदलाव सबसे जरूरी – डॉ. मनीष गुप्ता

IGMC शिमला कैंसर अस्पताल के विभागाध्यक्ष डॉ. मनीष गुप्ता के अनुसार, कैंसर से उबरने वाले मरीजों को धूम्रपान और शराब से पूरी तरह दूर रहना चाहिए। “धूम्रपान से कैंसर दोबारा हो सकता है। इसके अलावा, मटन जैसी चीजें न खाएं, नियमित व्यायाम करें और हर कॉल पर डॉक्टर के पास जाएं,” उन्होंने कहा।

Advertisement – HIM Live Tv

शिमला कैंसर अस्पताल के आंकड़े चौंकाने वाले:

2023: कुल मरीज: 846

  • लंग्स कैंसर: 261 पुरुष, 85 महिलाएं
  • मुंह का कैंसर: 65 पुरुष, 4 महिलाएं
  • पेट का कैंसर: 67 पुरुष, 35 महिलाएं
  • ब्रेस्ट कैंसर: 141 महिलाएं, 12 पुरुष
  • बच्चेदानी कैंसर: 208 महिलाएं

    2024: कुल मरीज: 592

    • मुंह का कैंसर: 56 पुरुष, 4 महिलाएं
    • पेट का कैंसर: 85 पुरुष, 10 महिलाएं
    • ब्रेस्ट कैंसर: 160 महिलाएं
    • बच्चेदानी कैंसर: 210 महिलाएं

      2025 (5 महीने): कुल मरीज: 250

      • लंग्स कैंसर: 86 पुरुष, 32 महिलाएं
      • मुंह का कैंसर: 19
      • पेट का कैंसर: 1
      • ब्रेस्ट कैंसर: 45 महिलाएं
      • बच्चेदानी कैंसर: 67 महिलाएं

        ये आंकड़े बताते हैं कि कैंसर की पुनरावृत्ति और नए मामलों की रोकथाम के लिए जीवनशैली में बदलाव, जागरूकता और सतर्कता बेहद जरूरी है।

        For advertisements inquiries on HIM Live TV, Kindly contact us!

        Connect with us on Facebook and WhatsApp for the latest updates!