राजकीय महाविद्यालय रिड़कमार की हिस्टॉरिकल सोसायटी ने आज “जरा याद करो कुर्बानी” विषय पर एक भव्य और यादगार कार्यक्रम आयोजित किया। इस आयोजन का मकसद था छात्रों को स्वतंत्रता संग्राम की महान गाथाओं से परिचित कराना, देशभक्ति की भावना जगाना और युवाओं को राष्ट्र निर्माण में अपनी जिम्मेदारी याद दिलाना।
महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. युवराज सिंह ने अपने प्रेरणादायी संबोधन में स्वतंत्रता के वास्तविक अर्थ, इसे बनाए रखने की चुनौतियों और युवाओं की भूमिका पर रोशनी डाली। उन्होंने उन अनकहे स्वतंत्रता सेनानियों के योगदान को भी विशेष रूप से याद किया, जिनके बलिदान से आज़ादी संभव हुई।
प्रो. हाकम चंद ने “विकसित भारत 2047” के सपने पर विचार साझा किए, जबकि प्रो. भूपेंद्र सिंह ने सैनिकों की दृष्टि से देशवासियों से अपेक्षाओं पर भावपूर्ण भाषण दिया। डॉ. आशा मिश्रा ने अपने काव्य पाठ से कार्यक्रम में देशभक्ति का जादू और गहरा कर दिया।
कार्यक्रम में क्विज, भाषण, कविता पाठ और देशभक्ति गीत जैसी प्रतियोगिताएँ भी आयोजित की गईं।
क्विज प्रतियोगिता: प्रथम स्थान – रानी लक्ष्मीबाई टीम (अर्चना, रेखा, पूजा), द्वितीय स्थान – सुभाष चंद्र बोस टीम (प्रियंका, कोमल, ममता), तृतीय स्थान – चंद्रशेखर आज़ाद टीम (शिवानी, लक्ष्मी, प्रियंका)।
भाषण प्रतियोगिता: प्रथम – रेखा देवी, द्वितीय – कविता, तृतीय – काजल।
कविता पाठ: प्रथम – शिक्षा, द्वितीय – सकीना, तृतीय – मुस्कान।
देशभक्ति गीत गायन: प्रथम स्थान – सुहानी (द्वितीय वर्ष), जिन्होंने सभी का मन मोह लिया।
इस कार्यक्रम की सफलता में हिस्टॉरिकल सोसायटी की छात्राएँ—आरती, कल्पना, सकीना और आरती चौहान—का विशेष योगदान रहा। मंच संचालन प्रो. मनोज कुमार ने किया और अंत में सभी का आभार व्यक्त किया गया।
“जरा याद करो कुर्बानी” कार्यक्रम छात्रों के लिए प्रेरणादायक अनुभव साबित हुआ। इसने उन्हें स्वतंत्रता संग्राम की गहराई से जोड़ते हुए राष्ट्र के प्रति अपने कर्तव्य को समझने का मौका दिया। महाविद्यालय के इतिहास में यह आयोजन एक यादगार अध्याय बन गया।
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