Kangra: धर्मशाला में उपराष्ट्रपति का बड़ा संदेश, युवाओं से बोले– ‘नशे को ना कहें, राष्ट्र प्रथम रखें’

धर्मशाला में आयोजित हिमाचल प्रदेश केंद्रीय विश्वविद्यालय के 9वें दीक्षांत समारोह में उपराष्ट्रपति सी. पी. राधाकृष्णन ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए युवाओं से राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि देश का भविष्य युवाओं के हाथ में है और उन्हें अपने ज्ञान और ऊर्जा का उपयोग समाज और राष्ट्र की प्रगति के लिए करना चाहिए।

उपराष्ट्रपति ने हिमाचल प्रदेश की प्रशंसा करते हुए इसे ‘देव भूमि’ और ‘वीर भूमि’ बताया। उन्होंने कहा कि यह राज्य न केवल अपनी प्राकृतिक सुंदरता के लिए प्रसिद्ध है, बल्कि यहां के लोगों की मेहमाननवाज़ी, संस्कृति और समृद्ध परंपराएं भी पूरे देश में पहचान रखती हैं। उन्होंने यह भी कहा कि हिमाचल प्रदेश ने देश की सशस्त्र सेनाओं में उल्लेखनीय योगदान दिया है और यहां के वीर जवानों ने देश की रक्षा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।

अपने संबोधन में उन्होंने आधुनिक विश्वविद्यालयों की भूमिका पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि आज के दौर में विश्वविद्यालयों को विश्व स्तर पर प्रतिस्पर्धी शिक्षा प्रणाली तैयार करने के लिए संकाय विकास को प्राथमिकता देनी चाहिए। इसके साथ ही नवाचार को बढ़ावा देना और आपसी सहयोग को मजबूत करना भी जरूरी है, ताकि विद्यार्थियों को बेहतर अवसर मिल सकें।

उपराष्ट्रपति ने विश्वविद्यालय द्वारा शुरू की गई ‘कम्युनिटी लैब’ पहल और नशामुक्त परिसर बनाने की दिशा में किए जा रहे प्रयासों की भी सराहना की। उन्होंने युवाओं से अपील की कि वे नशे से दूर रहें और “नशे को ना” कहें। साथ ही उन्होंने विद्यार्थियों को यह संदेश भी दिया कि जीवन में हमेशा राष्ट्र को सर्वोपरि रखें और ‘राष्ट्र प्रथम’ की भावना के साथ आगे बढ़ें।

उन्होंने यह भी कहा कि उन्हें यह देखकर खुशी हुई कि इस दीक्षांत समारोह में पदक विजेताओं में अधिकांश महिलाएं हैं। यह देश में महिलाओं के बढ़ते सशक्तिकरण और विकास में उनकी बढ़ती भागीदारी का स्पष्ट संकेत है।

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