ऊना जिले के उपमंडल अम्ब में वन माफिया के खिलाफ पुलिस और वन विभाग ने बड़ी कार्रवाई की है। सरकारी वन भूमि से खैर की बेशकीमती लकड़ी की अवैध कटाई, चोरी, भंडारण और परिवहन के मामले में पुलिस ने केस दर्ज किया है। जब्त की गई अवैध लकड़ी की अनुमानित कीमत करीब 3 लाख रुपये बताई जा रही है।
यह मामला वन विभाग की सतर्कता के कारण सामने आया। जानकारी के अनुसार वन परिक्षेत्र अम्ब के तहत बीट ठठल में तैनात वन रक्षक पूनम ढिल्लों ने पुलिस थाना अम्ब में शिकायत दर्ज करवाई। शनिवार देर शाम वह अन्य वन कर्मियों के साथ लडोली क्षेत्र में गश्त कर रही थीं। इसी दौरान उनकी नजर एक संदिग्ध पिकअप ट्राले पर पड़ी, जो खैर की लकड़ी से भरा हुआ था। वाहन को संदिग्ध स्थिति में देखकर वन विभाग की टीम ने आसपास के इलाके की तलाशी ली। तलाशी के दौरान पास ही बने एक श्रमिक शैड में भारी मात्रा में खैर की लकड़ी का अवैध भंडारण पाया गया। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए वन रक्षक ने तुरंत अपने उच्च अधिकारियों को सूचना दी। इसके बाद बीओ अम्ब अन्य कर्मचारियों के साथ मौके पर पहुंचे और पुलिस को भी बुलाया गया।
जांच के दौरान यह भी सामने आया कि जिस श्रमिक शैड में लकड़ी डंप की गई थी, वह पंजोआ निवासी एक महिला के नियंत्रण में है। वन विभाग के रिकॉर्ड के अनुसार इस क्षेत्र में खैर के पेड़ों की किसी भी प्रकार की अधिकृत कटाई की अनुमति नहीं दी गई है। इससे स्पष्ट है कि अज्ञात तस्करों ने सरकारी जंगल से अवैध कटान कर लकड़ी को इस शैड में जमा किया था और पिकअप वाहन के जरिए इसे कहीं और ले जाने की तैयारी कर रहे थे।
डीएसपी अम्ब अनिल पटियाल ने मामले की पुष्टि करते हुए बताया कि पुलिस ने वन विभाग की शिकायत पर बीएनएस की धारा 303(2) तथा भारतीय वन अधिनियम 1927 की धारा 32, 33, 41 और 42 के तहत मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस ने अवैध लकड़ी और वाहन को अपने कब्जे में ले लिया है। फिलहाल पुलिस और वन विभाग की संयुक्त टीम यह पता लगाने में जुटी है कि यह लकड़ी किस जंगल से काटी गई और इसके पीछे कौन लोग शामिल हैं।
खैर की लकड़ी की ऊंची कीमत के कारण यह लंबे समय से तस्करों के निशाने पर रहती है। पिछले कुछ महीनों में अम्ब और भरवाईं वन परिक्षेत्र में खैर तस्करी के कई मामले सामने आ चुके हैं। हाल ही में अम्ब टिल्ला के आरक्षित जंगल में माफिया रात के समय पेड़ काटकर खड्ड में फेंक रहे थे, जिन्हें विभाग ने पकड़ लिया था। इसके अलावा 2 फरवरी को ज्वार बीट में एक ढाबा संचालक को सरकारी जंगल से खैर काटते हुए पकड़ा गया था। इससे पहले 28 जनवरी को अम्ब क्षेत्र और पिछले वर्ष 24 नवंबर को ज्वार के आरक्षित जंगल आर-3 धरुही सीसी-2 में भी अवैध कटान के बड़े मामले सामने आए थे।
वन रेंज अधिकारी अम्ब राहुल ठाकुर ने कहा कि विभाग की सक्रियता के कारण कई मामलों का खुलासा हुआ है और लकड़ी के साथ कई आरोपियों को पकड़ा गया है। उन्होंने बताया कि जंगलों में गश्त बढ़ा दी गई है और वन माफिया पर कड़ी नजर रखी जा रही है। दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
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