नेता प्रतिपक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने कांग्रेस सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए कहा है कि जो सरकार लगातार केंद्र सरकार और भाजपा को निशाना बना रही है, उसके साथ भाजपा नेता दिल्ली नहीं जा सकते। उन्होंने स्पष्ट किया कि भाजपा अपने स्तर पर प्रदेश के हितों की पैरवी कर रही है और राज्य को अधिक से अधिक वित्तीय सहायता दिलाने का प्रयास करेगी। जयराम ठाकुर शिमला में आयोजित एक पत्रकार वार्ता को संबोधित कर रहे थे।
उन्होंने आरोप लगाया कि वर्तमान सरकार ने प्रदेश को ऐसे हालात में पहुंचा दिया है, जहां वित्तीय आपातकाल जैसी स्थिति बन गई है। उन्होंने कहा कि वेतन, पेंशन, महंगाई भत्ता और सामाजिक सुरक्षा पेंशन की अदायगी में संकट की बात स्वयं वित्त विभाग के सचिव ने अपनी प्रस्तुति में कही थी, हालांकि बाद में सरकार ने इससे अलग बयान दिया। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री पहले राजस्व घाटा अनुदान यानी आरडीजी के मुद्दे पर पूर्व केंद्रीय वित्त मंत्री पी. चिदंबरम से कानूनी सलाह ले चुके हैं और अब राहुल गांधी से चर्चा करने के लिए अपनी कैबिनेट के साथ दिल्ली जा रहे हैं।
जयराम ठाकुर ने कहा कि केंद्र सरकार से लगातार सहयोग मिलने के बावजूद जनता का ध्यान भटकाने के लिए प्रधानमंत्री पर गंभीर टिप्पणियां की जा रही हैं। उन्होंने कहा कि असली सवाल यह नहीं है कि केंद्रीय बजट में आरडीजी का उल्लेख हुआ या नहीं, बल्कि यह है कि जब यह अनुदान मिल रहा था तब भी राज्य सरकार वित्तीय संकट की बात कर रही थी। उन्होंने आरोप लगाया कि 16वें वित्त आयोग की सिफारिशों के बाद आरडीजी बंद होने के लिए कांग्रेस सरकार जिम्मेदार है, क्योंकि वह प्रभावी वित्तीय प्रबंधन और अपने पक्ष को मजबूती से रखने में विफल रही।
उन्होंने विधानसभा की कार्यवाही का जिक्र करते हुए कहा कि राज्यपाल के अभिभाषण के बाद धन्यवाद प्रस्ताव लाने की बजाय सरकार ने राजनीतिक प्रस्ताव पेश किया। उनका कहना था कि राज्यपाल ने संवैधानिक संस्थाओं पर टिप्पणी करना उचित नहीं समझा।
मुख्यमंत्री द्वारा पेश किए गए आंकड़ों पर सवाल उठाते हुए जयराम ठाकुर ने कहा कि 18 फरवरी को मुख्यमंत्री ने 23,000 करोड़ रुपये कर्ज लेने और 26,000 करोड़ रुपये चुकाने की बात कही, जबकि अगले ही दिन 35,400 करोड़ रुपये कर्ज लेने और 27,043 करोड़ रुपये चुकाने का दावा किया। उन्होंने 26 अगस्त 2025 को विधानसभा में दिए गए एक अन्य उत्तर का हवाला देते हुए कहा कि उस समय 26,830 करोड़ रुपये कर्ज लेने और 8,253 करोड़ रुपये चुकाने की जानकारी दी गई थी। उनका कहना था कि सात महीने में 19,000 करोड़ रुपये से अधिक कर्ज लेकर उसे चुकाने का दावा तथ्यों से मेल नहीं खाता। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार के कार्यकाल में लगभग 40,672 करोड़ रुपये कर्ज लिया गया और 38,276 करोड़ रुपये वापस किया गया था। साथ ही अंतिम वित्त वर्ष में करीब 6,500 करोड़ रुपये की उधार सीमा उपलब्ध थी, जिसका लाभ वर्तमान सरकार ने उठाया।
राज्यसभा चुनाव को लेकर उन्होंने कहा कि प्रत्याशी के चयन का निर्णय पार्टी हाईकमान करेगा और चर्चा के बाद जो फैसला होगा, उसी के अनुसार आगे बढ़ा जाएगा।
For advertisements inquiries on HIM Live TV, Kindly contact us!
Connect with us on Facebook and WhatsApp for the latest updates!