बिलासपुर जिले के वन परिक्षेत्र झंडूता के अंतर्गत आने वाले गोचर जंगल में खैर के अवैध कटान का बड़ा मामला सामने आया है। जंगल से खैर काटे जाने की सूचना मिलते ही वन विभाग के कर्मचारी तुरंत मौके पर पहुंचे और पूरे क्षेत्र में जांच शुरू कर दी। शुरुआती जांच में सामने आया है कि वन माफिया ने रात के अंधेरे का फायदा उठाते हुए गोचर जंगल के अलग-अलग हिस्सों में करीब डेढ़ दर्जन खैर के पेड़ों को काट डाला।
बताया जा रहा है कि आसपास के इलाकों में लोगों की निजी भूमि पर खैर कटान का काम चल रहा था, उसी की आड़ में वन काटुओं ने गोचर जंगल को भी निशाना बना लिया। अवैध कटान के दौरान वन माफिया खैर के बड़े मौछे अपने साथ ले जाने में सफल रहा, जबकि 100 से अधिक मौछों को जंगल की झाड़ियों में छिपा दिया गया।
वन विभाग की नियमित गश्त के दौरान जब काटे गए पेड़ों का खुलासा हुआ तो कर्मचारियों ने तुरंत सघन तलाशी अभियान चलाया। इस दौरान जंगल की झाड़ियों में छिपाए गए 100 से अधिक खैर के मौछे बरामद कर लिए गए। गोचर जंगल से काटे गए खैर के पेड़ों की बाजार कीमत लाखों रुपये आंकी जा रही है।
इस मामले में वन परिक्षेत्र अधिकारी ज्ञान सिंह ने पुलिस थाना तलाई में शिकायत दर्ज करवा दी है। उन्होंने बताया कि अज्ञात लोगों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया गया है और आरोपियों की पहचान के प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने यह भी पुष्टि की कि बीते दो दिनों में गोचर जंगल के अलग-अलग स्थानों पर अवैध कटान की घटनाओं को अंजाम दिया गया।
घटना के बाद वन विभाग ने जंगल क्षेत्र में गश्त बढ़ा दी है, ताकि भविष्य में इस तरह की वारदातों पर रोक लगाई जा सके। विभाग ने स्थानीय लोगों से भी अपील की है कि यदि जंगल में किसी भी तरह की संदिग्ध गतिविधि दिखाई दे तो तुरंत वन विभाग या पुलिस को सूचना दें, ताकि वन संपदा को नुकसान पहुंचाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जा सके।
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