Himachal: हिमाचल को बड़ी सौगात: खुलेंगे 6 नए केंद्रीय विद्यालय, कांगड़ा-नूरपुर में हजारों किलोमीटर सड़क निर्माण का खुलासा

लोकसभा के बजट सत्र-II के दौरान हिमाचल प्रदेश से जुड़े शिक्षा और ग्रामीण सड़क विकास के महत्वपूर्ण मुद्दों पर केंद्र सरकार ने विस्तृत जानकारी साझा की है। कांगड़ा-चम्बा के सांसद डॉ. राजीव भारद्वाज द्वारा पूछे गए सवालों के जवाब में केंद्रीय मंत्रियों ने बताया कि हिमाचल प्रदेश में शिक्षा के ढांचे को मजबूत करने के लिए छह नए केंद्रीय विद्यालय खोले जाएंगे। इसके साथ ही प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत प्रदेश, विशेषकर कांगड़ा और नूरपुर क्षेत्र में हुए सड़क निर्माण कार्यों का भी विस्तृत ब्यौरा दिया गया।

सांसद डॉ. राजीव भारद्वाज ने 9 मार्च को लोकसभा में केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय से हिमाचल में संचालित और प्रस्तावित केंद्रीय विद्यालयों के बारे में सवाल किया था। इसके जवाब में केंद्रीय शिक्षा राज्य मंत्री जयंत चौधरी ने बताया कि वर्ष 2025 में पूरे देश में 56 नए केंद्रीय विद्यालयों को मंजूरी दी गई है, जिनमें से छह विद्यालय हिमाचल प्रदेश में स्थापित किए जाएंगे। वर्तमान में प्रदेश में 26 केंद्रीय विद्यालय संचालित हो रहे हैं। इनमें से छह विद्यालय जिला कांगड़ा और चार विद्यालय जिला चम्बा में विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान कर रहे हैं। नई योजना के तहत हिमाचल प्रदेश में रेरी (जिला कांगड़ा), गोकुल नगर, अप्पर भंजाल (जिला ऊना), नंदपुर (जिला ऊना), थुनाग (जिला मंडी), जिला सिरमौर और जिला शिमला में नए केंद्रीय विद्यालय खोले जाएंगे।

इस घोषणा पर प्रतिक्रिया देते हुए सांसद डॉ. राजीव भारद्वाज ने कहा कि केंद्रीय विद्यालय अपनी उच्च गुणवत्ता वाली शिक्षा और समान पाठ्यक्रम के लिए पूरे देश में प्रसिद्ध हैं। उन्होंने बताया कि यह संस्थान खासतौर पर रक्षा बलों, अर्धसैनिक बलों और केंद्र सरकार के स्थानांतरणीय कर्मचारियों के बच्चों के लिए बेहद उपयोगी साबित होते हैं। हिमाचल प्रदेश को वीरभूमि कहा जाता है, जहां बड़ी संख्या में परिवार सेना और अर्धसैनिक बलों में सेवाएं दे रहे हैं। ऐसे में प्रदेश में नए केंद्रीय विद्यालय खुलना इन परिवारों के लिए बड़ी राहत होगी।

सड़क संपर्क के मुद्दे पर भी सांसद ने लोकसभा में सवाल उठाया था। 10 मार्च को ग्रामीण विकास मंत्रालय से प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत जिला कांगड़ा और नूरपुर क्षेत्र में हुए विकास कार्यों के बारे में जानकारी मांगी गई। इसके जवाब में केंद्रीय ग्रामीण विकास राज्य मंत्री कमलेश पासवान ने बताया कि पीएमजीएसवाई के चार चरणों के तहत हिमाचल प्रदेश में अब तक 26,505 किलोमीटर लंबी सड़कें और 147 पुल स्वीकृत किए गए हैं। अकेले जिला कांगड़ा में अब तक 3,558 किलोमीटर सड़कें और 17 पुल बनाए जा चुके हैं। वहीं नूरपुर ब्लॉक में 272 किलोमीटर सड़कों और दो पुलों का निर्माण कार्य पूरा हो चुका है।

सांसद डॉ. राजीव भारद्वाज ने केंद्र सरकार के जवाब पर संतोष जताते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में ग्रामीण और दुर्गम क्षेत्रों को बेहतर सड़क संपर्क से जोड़ने के लिए लगातार काम हो रहा है। उनके अनुसार प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना ग्रामीण भारत की तस्वीर बदलने वाली एक अहम पहल है, जिसका उद्देश्य दूरदराज के गांवों को हर मौसम में सुगम सड़कों से जोड़ना है। उन्होंने कहा कि इन परियोजनाओं के जरिए हिमाचल प्रदेश में शिक्षा और आधारभूत ढांचे दोनों को मजबूती मिल रही है और ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों का जीवन अधिक सुविधाजनक बन रहा है।

For advertisements inquiries on HIM Live TV, Kindly contact us!

Connect with us on Facebook and WhatsApp for the latest updates!