हमीरपुर जिला मुख्यालय पर गुरुवार दोपहर उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब डीसी ऑफिस से सटे मृदुल चौक के पास एक स्लेटपोश मकान में अचानक भीषण आग लग गई। आग इतनी तेजी से फैली कि देखते ही देखते मकान के तीन कमरे पूरी तरह जलकर राख हो गए। इस हादसे में मकान मालिकों को करीब 10 लाख रुपये के नुकसान का अनुमान लगाया जा रहा है।
जानकारी के अनुसार यह घटना गुरुवार दोपहर की है। मृदुल चौक के सामने, टिम्बर डिपो के साथ स्थित मकान से अचानक धुआं और आग की लपटें उठने लगीं। आग को बढ़ता देख आसपास के लोग दहशत में आ गए। जैसे ही इसकी सूचना मिली, डीसी अमरजीत सिंह, एसपी बलबीर सिंह और एडीसी अभिषेक गर्ग सहित कई वरिष्ठ अधिकारी तुरंत मौके पर पहुंच गए। डीसी अमरजीत सिंह ने बताया कि उन्होंने अपने कार्यालय से धुआं उठता देखा और तुरंत स्थिति का जायजा लेने मौके पर पहुंचे।
स्थानीय लोगों की सूचना पर अग्निशमन विभाग की दो गाड़ियां तुरंत घटनास्थल पर पहुंचीं और कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया गया। चूंकि यह हादसा मुख्य सड़क के किनारे हुआ, इसलिए हमीरपुर-सुजानपुर राष्ट्रीय राजमार्ग पर कुछ समय के लिए यातायात बाधित रहा। बाद में ट्रैफिक को सामान्य कर दिया गया।
पुलिस के अनुसार जिस मकान में आग लगी, वह राकेश कुमार और विनोद कुमार पुत्र तुलसी राम का है। इन कमरों में कश्मीरी मजदूर किराए पर रहते थे। राहत की बात यह रही कि इस हादसे में कोई जानी नुकसान नहीं हुआ और सभी मजदूर सुरक्षित हैं। हालांकि आग की चपेट में आने से मजदूरों का सारा सामान और मकान का ढांचा पूरी तरह नष्ट हो गया है।
घटना के बाद मकान मालिकों ने प्रशासन से जल्द मुआवजा देने की मांग की है। वहीं डीसी अमरजीत सिंह ने संबंधित विभाग को नुकसान का आकलन कर प्रभावित परिवार को मुआवजा और तात्कालिक राहत उपलब्ध करवाने के निर्देश दे दिए हैं। पुलिस ने मामला दर्ज कर आग लगने के कारणों की जांच शुरू कर दी है।
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