जिला चम्बा के विकास खंड तीसा की ग्राम पंचायत सनवाल में सामने आए बड़े भ्रष्टाचार के मामले ने पूरे क्षेत्र में सनसनी फैला दी है। प्रशासन ने कड़ा कदम उठाते हुए पंचायत प्रधान मोहन लाल, उपप्रधान और 6 वार्ड सदस्यों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। इस संबंध में उपायुक्त चम्बा मुकेश रेप्सवाल ने आधिकारिक आदेश जारी किए हैं। यह कार्रवाई ग्राम पंचायत में मनरेगा मद के तहत किए गए कार्यों में भारी वित्तीय अनियमितताओं के चलते की गई है।
जानकारी के अनुसार मनरेगा के अंतर्गत पौधारोपण परियोजना के नाम पर करीब 64,03,560 रुपए की राशि के दुरुपयोग के आरोप प्रथम दृष्टया सही पाए गए हैं। एसडीएम चुराह द्वारा की गई जांच में सामने आया है कि सरकारी धन का उपयोग नियमों को दरकिनार कर किया गया। जांच रिपोर्ट में स्पष्ट किया गया है कि कार्यों में गंभीर स्तर की धांधली हुई है।
उपायुक्त मुकेश रेप्सवाल ने अपने आदेश में सख्त टिप्पणी करते हुए कहा कि यदि प्रधान और अन्य पदाधिकारी अपने पदों पर बने रहते हैं, तो हिमाचल प्रदेश पंचायती राज अधिनियम, 1994 के तहत चल रही जांच प्रभावित हो सकती है। साथ ही साक्ष्यों को नष्ट करने और सरकारी रिकॉर्ड से छेड़छाड़ की आशंका भी बनी हुई है। इन्हीं कारणों के चलते प्रधान, उपप्रधान और 6 वार्ड सदस्यों को निलंबित करने का फैसला लिया गया है।
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