हिमाचल प्रदेश के युवाओं का सेना के प्रति जज्बा एक बार फिर सामने आया है। जिला बिलासपुर के झंडूता तहसील के भटेड़ फला गांव के रहने वाले अनुराग चंदेल ने भारतीय सेना में लैफ्टिनेंट बनकर प्रदेश और अपने माता-पिता का नाम रोशन किया है। कठिन सैन्य प्रशिक्षण पूरा करने के बाद अनुराग ने पासिंग आउट परेड में हिस्सा लिया और अब वह आधिकारिक तौर पर भारतीय सेना का हिस्सा बन गए हैं।
अनुराग चंदेल का परिवार पहले से ही अनुशासन और जनसेवा से जुड़ा हुआ है। उनके माता और पिता दोनों हिमाचल प्रदेश पुलिस विभाग में अपनी सेवाएं दे रहे हैं। उनकी माता पदमा चंदेल वर्तमान में पुलिस अधीक्षक कार्यालय मंडी में निरीक्षक/हेड क्लर्क के पद पर तैनात हैं, जबकि उनके पिता आनंद किशोर चंदेल जिला मंडी में ही सीआईडी यूनिट प्रभारी के रूप में कार्यरत हैं। बेटे की इस उपलब्धि पर माता-पिता ने खुशी जाहिर करते हुए कहा कि यह न केवल उनके परिवार बल्कि पूरे प्रदेश के लिए गर्व का क्षण है कि उनका बेटा अब देश की सीमाओं पर रक्षा करेगा।
अनुराग की प्रारंभिक शिक्षा मंडी के एक निजी स्कूल से हुई। बचपन से ही अनुशासित माहौल में पले-बढ़े अनुराग ने आगे की पढ़ाई के लिए सैनिक स्कूल में दाखिला लिया और वहीं से उन्होंने 12वीं कक्षा पूरी की। इसके बाद उच्च शिक्षा के लिए वह चंडीगढ़ गए और एसडी कॉलेज से स्नातक की डिग्री हासिल की। आगे उन्होंने दिल्ली विश्वविद्यालय से कानून की पढ़ाई शुरू की, लेकिन उनका असली लक्ष्य देश सेवा करना था।
अपनी कड़ी मेहनत और मजबूत इरादों के दम पर अनुराग ने पिछले साल कम्बाइंड डिफेंस सर्विसेज यानी सीडीएस की परीक्षा पास कर ली। इसके बाद उन्होंने एक साल का कठिन सैन्य प्रशिक्षण पूरा किया और अब पासआउट होकर भारतीय सेना में अधिकारी बन गए हैं।
लैफ्टिनेंट अनुराग चंदेल को भारतीय सेना की प्रतिष्ठित 96 फील्ड रेजीमेंट में तैनाती मिली है। यह वही रेजीमेंट है जिसने 1999 के कारगिल युद्ध के दौरान अदम्य साहस का परिचय देते हुए भारतीय सेना को जीत दिलाने में अहम भूमिका निभाई थी। अनुराग की इस उपलब्धि से उनके गांव और पूरे क्षेत्र में खुशी का माहौल है।
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