मुख्यमंत्री सुख-आश्रय योजना के तहत राज्य के चाइल्ड केयर इंस्टीट्यूशंस सराहन, टूटीकंडी और मशोबरा में रह रहे ‘चिल्ड्रन ऑफ द स्टेट’ ने एक विशेष शैक्षणिक एवं अनुभवात्मक भ्रमण पूरा कर वीरवार देर शाम शिमला वापसी की। इस अनूठे टूर में तीनों संस्थानों के कुल 52 बच्चों ने भाग लिया। शिमला पहुंचने पर उपायुक्त अनुपम कश्यप और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक संजीव कुमार गांधी ने बच्चों का गर्मजोशी से स्वागत किया। इस मौके पर अतिरिक्त जिला दण्डाधिकारी कानून एवं व्यवस्था पंकज शर्मा, अतिरिक्त जिला दण्डाधिकारी प्रोटोकॉल ज्योति राणा, जिला कार्यक्रम अधिकारी ममता पॉल सहित अन्य अधिकारी भी मौजूद रहे।
बच्चों के सम्मान में उपायुक्त द्वारा रात्रि भोज का आयोजन किया गया। इस दौरान उपायुक्त ने बच्चों से बातचीत की और उनके पूरे भ्रमण के अनुभव सुने। बच्चों ने उत्साह के साथ अपने अनुभव साझा किए। उपायुक्त ने कहा कि मुख्यमंत्री सुख-आश्रय योजना के तहत प्रदेश सरकार इन बच्चों को केवल संरक्षण ही नहीं दे रही, बल्कि उन्हें बेहतर भविष्य के लिए जरूरी अवसर भी उपलब्ध करवा रही है।
उन्होंने बताया कि इस यात्रा का मुख्य उद्देश्य बच्चों को राष्ट्रीय एकता, सांस्कृतिक विरासत, आधुनिक बुनियादी ढांचे और शैक्षणिक संस्थानों से परिचित करवाना था, ताकि उनका सर्वांगीण विकास सुनिश्चित हो सके। उन्होंने कहा कि 28 फरवरी 2023 से मुख्यमंत्री सुख-आश्रय योजना के अंतर्गत प्रदेश सरकार द्वारा 4000 अनाथ बच्चों को ‘चिल्ड्रन ऑफ द स्टेट’ के रूप में अपनाया गया है। इन बच्चों को शिक्षा, स्वास्थ्य, आवास, जेब खर्च, करियर काउंसलिंग, देश-विदेश भ्रमण जैसी सुविधाएं दी जा रही हैं। साथ ही बड़े होने पर स्टार्ट-अप शुरू करने के लिए 2 लाख रुपये का प्रावधान भी किया गया है।
यह विशेष शैक्षणिक भ्रमण 6 जनवरी से 15 जनवरी 2026 तक आयोजित किया गया। इस दौरान बच्चों ने चंडीगढ़, दिल्ली, आगरा और गोवा का भ्रमण किया। यात्रा के दौरान बच्चों ने वोल्वो बस, वंदे भारत एक्सप्रेस, मेट्रो रेल, हवाई यात्रा, क्रूज और हॉप-ऑन हॉप-ऑफ पर्यटन बस जैसी आधुनिक परिवहन सुविधाओं का अनुभव भी लिया।
दिल्ली भ्रमण के दौरान बच्चों ने लाल किला, कुतुब मीनार, इंडिया गेट, राजघाट, शक्ति स्थल, वीर भूमि, हुमायूं का मकबरा, राष्ट्रीय प्राणी उद्यान, राष्ट्रीय विज्ञान संग्रहालय, नॉर्थ ब्लॉक, साउथ ब्लॉक, इंडियन काउंसिल ऑफ वर्ल्ड अफेयर्स, त्रिवेणी कला संगम और राष्ट्रीय प्राकृतिक इतिहास संग्रहालय का दौरा किया। इसके अलावा आगरा में उन्होंने ताजमहल भी देखा।
गोवा प्रवास के दौरान बच्चों ने उत्तर गोवा के कलंगुट, फोर्ट अगुआड़ा, अंजुना बीच, डोना पाउला, भारतीय समुद्र विज्ञान संस्थान और क्रूज यात्रा का आनंद लिया। दक्षिण गोवा में उन्होंने चर्च, मंगेशी मंदिर, वार्का बीच, पणजी शहर और स्पाइस गार्डन का भ्रमण किया।
अपने अनुभव साझा करते हुए आशीष ठाकुर ने बताया कि वे वंदे भारत ट्रेन से चंडीगढ़ से दिल्ली पहुंचे और वहां ऐतिहासिक इमारतों को करीब से देखा। उन्होंने कहा कि जीवन में पहली बार हवाई जहाज में बैठकर गोवा जाना उनके लिए बेहद खास अनुभव रहा। रितिका ने बताया कि 15 जनवरी को उनका जन्मदिन था, जिसे सभी बच्चों ने मिलकर मनाया। उन्होंने कहा कि यह सब मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू की वजह से संभव हो पाया।
राहुल ने बताया कि समुद्र में नाव की सवारी के दौरान उन्होंने डॉल्फिन को अपनी आंखों से देखा, जिसे वे अब तक केवल किताबों में ही पढ़ते आए थे। पारस नेगी ने कहा कि हवाई जहाज में बैठने का उनका सपना सरकार ने पूरा कर दिया। आर्यन ने गोवा में समुद्र और क्रूज राइड को अपने जीवन का सबसे यादगार अनुभव बताया। निखिल ने कहा कि पहली बार हवाई यात्रा में डर जरूर लगा, लेकिन वापसी में आत्मविश्वास बढ़ गया। जानवी गुप्ता और हीना ने भी इस टूर को जीवन का सबसे खूबसूरत अनुभव बताते हुए प्रदेश सरकार और मुख्यमंत्री का आभार जताया।
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