Himachal: हिमाचल में जल्द आएगी नई उद्योग नीति, टैक्सी होंगी ई-व्हीकल और खुलेंगे 200 फाइव स्टार होटल

मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने घोषणा की है कि हिमाचल प्रदेश में जल्द ही नई उद्योग नीति लाई जाएगी। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार निवेश के अनुकूल माहौल तैयार करने के लिए लगातार नई पहल कर रही है, ताकि हिमाचल निवेशकों के लिए एक भरोसेमंद और आकर्षक इन्वेस्टमेंट डेस्टिनेशन बन सके। राज्य सरकार की सोच हरित औद्योगिकीकरण, नवीकरणीय ऊर्जा, डिजिटल तकनीक और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के साथ-साथ ग्रामीण औद्योगिकीकरण को बढ़ावा देकर हिमाचल को एक मजबूत आर्थिक केंद्र के रूप में विकसित करने की है। मुख्यमंत्री ने यह बात उद्योग विभाग द्वारा आयोजित तीन दिवसीय हिम एमएसएमई फेस्ट के दूसरे दिन रविवार को पीटरहॉफ, शिमला में देश-विदेश से आए उद्योग जगत के सीईओ और उद्यमियों से संवाद के बाद अपने संबोधन में कही।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में उद्योगों के विस्तार और प्रोत्साहन को लेकर सम्मेलन में विस्तार से चर्चा की गई है। उन्होंने बताया कि राज्य में पेट्रोल और डीजल से चलने वाली करीब 22 हजार टैक्सी गाड़ियों को चरणबद्ध तरीके से इलेक्ट्रिक वाहनों में बदला जाएगा। इसके लिए प्रदेश सरकार एक नई योजना ला रही है, जिसके तहत 40 प्रतिशत तक की सब्सिडी दी जाएगी। इसके अलावा ग्रीन हाइड्रोजन ईंधन से चलने वाली बसों के संचालन के लिए भी जल्द टेंडर जारी किए जाएंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि उद्यमियों को धारा 118 से जुड़ी समस्याओं का समाधान किया जाएगा और राज्य में टेक्सटाइल इंडस्ट्री को भी बढ़ावा दिया जाएगा।

उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार राज्य में स्थापित उद्योगों को और मजबूत बनाएगी। औद्योगिक क्षेत्रों में लॉजिस्टिक लागत कम की जाएगी और बुनियादी ढांचे को सुदृढ़ किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने बताया कि बद्दी से चंडीगढ़ रेलवे लाइन के लिए केंद्र सरकार को राज्य का पूरा अग्रिम शेयर पहले ही दे दिया गया है। निवेश को बढ़ाने के साथ-साथ पर्यटन उद्योग को भी विशेष प्राथमिकता दी जा रही है और कनेक्टिविटी सुविधाओं का विस्तार किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि 31 मार्च तक कांगड़ा हवाई अड्डे के लिए भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया पूरी कर ली जाएगी। हॉस्पिटैलिटी सेक्टर को बढ़ावा देने के लिए प्रदेश में 200 फाइव स्टार होटलों को अनुमति दी जाएगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि चंडीगढ़ के समीप हिमाचल में हिम चंडीगढ़ नाम से एक विश्व स्तरीय शहर विकसित किया जाएगा। उन्होंने उद्योगपतियों को भरोसा दिलाया कि प्रदेश में उद्योगों को 24 घंटे निर्बाध बिजली आपूर्ति की जाएगी और देश में सबसे कम दरों पर बिजली उपलब्ध करवाई जाएगी। मुख्यमंत्री ने उद्यमियों से इम्प्लीमेंटेशन एग्रीमेंट पर जल्द हस्ताक्षर करने का आग्रह भी किया। उन्होंने बताया कि औद्योगिक ढांचे को मजबूत करने के लिए एमएसई फार्मा लैब, एमएसएमई टेक्नोलॉजी सेंटर, प्रमुख औद्योगिक क्षेत्रों में गैस कनेक्टिविटी, बद्दी और ऊना में स्किल डेवलपमेंट सेंटर और सीआईपीईटी जैसी सुविधाएं विकसित की जा रही हैं। भविष्य की जरूरतों को देखते हुए राज्य को मजबूत एमएसएमई आधार, आधुनिक औद्योगिक पार्क, स्टार्टअप संस्कृति और युवाओं के लिए भविष्य उन्मुख कौशल विकास के साथ आगे बढ़ाया जाएगा।

मुख्यमंत्री ने ऊना में बन रहे बल्क ड्रग पार्क को राज्य की बड़ी उपलब्धि बताया। उन्होंने कहा कि 568.75 हेक्टेयर क्षेत्र में बनने वाले इस पार्क को अंतिम पर्यावरणीय मंजूरी मिल चुकी है। करीब 2071 करोड़ रुपये की लागत वाला यह प्रोजेक्ट 8,000 से 10,000 करोड़ रुपये तक का निवेश आकर्षित करेगा और लगभग 15,000 से 20,000 प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर पैदा करेगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि उद्योग जगत के प्रतिनिधियों से संवाद करना सरकार के लिए प्रेरणादायक रहा है और प्रदेश सरकार राज्य के औद्योगिक विकास के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।

उद्योग मंत्री हर्षवर्धन चौहान ने कहा कि हिमाचल में उद्योगों के विकास के लिए उदार नीतियां तैयार की जा रही हैं, जिससे रोजगार के अवसर बढ़ें और राज्य की अर्थव्यवस्था मजबूत हो। उन्होंने बताया कि उद्यमियों को हर संभव सहायता दी जा रही है और नियमों व प्रक्रियाओं को सरल बनाया गया है। अतिरिक्त मुख्य सचिव उद्योग आर.डी. नजीम ने राज्य में औद्योगिक विकास और सरकार की नई पहलों की जानकारी दी, जबकि आयुक्त उद्योग डॉ. यूनुस ने मुख्यमंत्री और अन्य अतिथियों का स्वागत किया। इस मौके पर महापौर सुरेंद्र चौहान, नीति आयोग के उप सचिव अरविंद कुमार सहित कई वरिष्ठ अधिकारी और गणमान्य लोग मौजूद रहे।

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