Kangra: हिमाचल में बाल संरक्षण के उत्कृष्ट कार्य के लिए काँगड़ा चाइल्ड हेल्पलाइन को मिला ‘आर्यभट्ट सम्मान’

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हिमाचल प्रदेश के काँगड़ा जिले की चाइल्ड हेल्पलाइन यूनिट को राष्ट्रीय संस्था “आर्यभट्ट संस्थान” की ओर से “आर्यभट्ट सम्मान” से नवाजा गया है। यह सम्मान पूरे प्रदेश में बाल संरक्षण के क्षेत्र में किए गए बेहतरीन कार्यों के लिए प्रदान किया गया है। जिला कार्यक्रम अधिकारी अशोक शर्मा ने बताया कि चाइल्ड हेल्पलाइन यूनिट काँगड़ा पूरे प्रदेश में बेहतरीन कार्य कर रही है और बच्चों के अधिकारों की रक्षा में अहम भूमिका निभा रही है। उन्होंने यह भी कहा कि जिलाधीश महोदय का निरंतर सहयोग इस उपलब्धि के पीछे एक महत्वपूर्ण कारण है और यह प्रशस्ति पत्र पूरे विभाग के लिए गर्व का विषय है।

जिला बाल संरक्षण अधिकारी राजेश शर्मा ने जानकारी दी कि काँगड़ा की चाइल्ड हेल्पलाइन टीम एक अनुभवी और समर्पित टीम है जो बाल संरक्षण को लेकर पूरे जिले में प्रभावी भूमिका निभा रही है। उन्होंने बताया कि एक राष्ट्रीय संस्था द्वारा प्रदेश की सभी यूनिट्स का अवलोकन करने के बाद चाइल्ड हेल्पलाइन काँगड़ा को सर्वश्रेष्ठ आँका गया, जो टीम के लिए अत्यंत हर्ष का विषय है। साथ ही उन्होंने कहा कि इस टीम ने शिक्षा से वंचित बच्चों को चिन्हित कर उन्हें स्कूल में दाखिला दिलवाकर शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़ा है।

जिला हेल्पलाइन प्रभारी मनमोहन चौधरी ने बताया कि राष्ट्रीय संस्था आर्यभट्ट संस्थान, जो बाल संरक्षण एवं सामाजिक गतिविधियों में सक्रिय है, द्वारा उनकी टीम को बाल अधिकारों और जागरूकता के लिए किए जा रहे कार्यों के लिए प्रशंसा पत्र दिया गया है। उन्होंने बताया कि पिछले वर्षों में भी उनकी टीम को जिलाधीश महोदय व अन्य संस्थाओं द्वारा कोरोना काल के दौरान और अन्य अवसरों पर सम्मानित किया जा चुका है।

मनमोहन चौधरी ने बताया कि वर्ष 2024-25 में चाइल्ड हेल्पलाइन नंबर 1098 पर कुल 514 मामले प्राप्त हुए, जिन्हें जिला प्रशासन के सहयोग से सफलतापूर्वक हल किया गया। इन मामलों में बच्चों के अधिकारों और संरक्षण से जुड़े मुद्दे जैसे बाल विवाह, बाल मजदूरी, बाल भीख, साइबर सुरक्षा, सुरक्षित-असुरक्षित स्पर्श, नशा मुक्ति और मोबाइल के दुरुपयोग से जुड़े विषय प्रमुख रहे। इसके अतिरिक्त, टीम द्वारा 157 जागरूकता कार्यक्रमों का आयोजन जिले के आंगनवाड़ी केंद्रों, पंचायतों, स्लम क्षेत्रों, स्कूलों, कॉलेजों, बस अड्डों और अन्य स्थानों पर किया गया, जिससे बच्चों और समाज में जागरूकता फैलाई जा सके।

चाइल्ड हेल्पलाइन टीम काँगड़ा का यह समर्पण और कार्यशैली पूरे प्रदेश के लिए एक उदाहरण बनकर उभरी है। टीम ने न केवल आपातकालीन मामलों में तेजी से कार्य किया बल्कि जागरूकता और पुनर्वास के क्षेत्र में भी उल्लेखनीय कार्य किया है। इस सम्मान के मिलने से टीम के कार्यों को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिली है और भविष्य में भी यह टीम पूरे जिले में बाल संरक्षण हेतु संकल्पित रहेगी।

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