Himachal: हिमाचल की राजनीति में हलचल: तीसरे मोर्चे की गुप्त बैठक, गंगाजल की कसम और नई पार्टी की चर्चाएं तेज

हिमाचल प्रदेश की राजनीति में एक बार फिर तीसरे मोर्चे को लेकर हलचल तेज हो गई है। हाल ही में हुई एक गुप्त बैठक ने राजनीतिक गलियारों में नई चर्चाओं को जन्म दे दिया है। सूत्रों के मुताबिक इस बैठक में कांग्रेस से ज्यादा भाजपा से जुड़े नेता शामिल हुए। बताया जा रहा है कि बैठक में भाजपा के करीब 22 नेता मौजूद थे, जबकि कांग्रेस के केवल सात नेताओं ने भाग लिया। इसी कारण इस बैठक को आगामी विधानसभा चुनाव से पहले बड़ी राजनीतिक रणनीति के तौर पर देखा जा रहा है।

सूत्रों के अनुसार चर्चा यह भी है कि कुछ वरिष्ठ कांग्रेस नेताओं के बेटे अगर भाजपा में शामिल होते हैं तो वे अपना राजनीतिक सफर आने वाले विधानसभा चुनाव से शुरू कर सकते हैं। बताया जा रहा है कि इन नेताओं के बुजुर्ग भी भाजपा के वरिष्ठ नेताओं से दिल्ली में मुलाकातें कर रहे हैं। वहीं कुछ युवा नेताओं ने भाजपा में जाने की इच्छा भी जताई है, जबकि कुछ नेता नए राजनीतिक मंच की तलाश में हैं। इसी वजह से इस बैठक को संभावित तीसरे राजनीतिक विकल्प की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है। राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि अगर तीसरे मोर्चे की यह कोशिश मजबूत होती है तो आगामी विधानसभा चुनावों में प्रदेश में एक नई पार्टी या गठबंधन सामने आ सकता है।

इस गुप्त बैठक को लेकर एक और दिलचस्प बात सामने आई है। सूत्रों के मुताबिक बैठक में मौजूद नेताओं को गंगाजल पिलाकर यह कसम दिलाई गई कि बैठक से जुड़ी कोई भी जानकारी बाहर नहीं दी जाएगी। बताया जा रहा है कि नेताओं के नाम और अंदरूनी चर्चाओं को पूरी तरह गोपनीय रखने की कोशिश की जा रही है। इसका कारण यह भी बताया जा रहा है कि अगर नेताओं के नाम सामने आते हैं तो उन्हें अपनी पार्टी में राजनीतिक नुकसान उठाना पड़ सकता है या फिर उनकी वापसी की संभावनाएं प्रभावित हो सकती हैं।

सूत्रों का कहना है कि तीसरे मोर्चे की इस पहल में ज्यादातर वही नेता सक्रिय हैं जो अपनी पार्टी से नाराज हैं, जिनका टिकट पहले कट चुका है या जिन्हें पार्टी से बाहर कर दिया गया था। ऐसे नेताओं को एक मंच पर लाकर लंबे समय तक राजनीति में सक्रिय रहने और आने वाले चुनाव लड़ने की रणनीति तैयार की जा रही है।

इधर कुल्लू के विधायक सुंदर सिंह ठाकुर ने इस पूरे मामले पर भाजपा पर निशाना साधा है। उन्होंने आरोप लगाया कि हिमाचल में तीसरे मोर्चे को बनाने के लिए जिन नेताओं ने कुल्लू में बैठक की, वे सभी पहले भाजपा से जुड़े रहे हैं। उनका कहना है कि कांग्रेस का मानना है कि इस समय भाजपा प्रदेश में कई गुटों में बंटी हुई है और नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर भी दबाव में काम कर रहे हैं। सुंदर सिंह ठाकुर ने कहा कि उन्हें भी जानकारी मिली है कि कुल्लू में भाजपा से बागी हुए नेताओं ने बैठक की है और इसमें अधिकतर भाजपा के ही वरिष्ठ नेता शामिल थे। उनके अनुसार तीसरे मोर्चे को लेकर जो भी गतिविधियां चल रही हैं, वे भाजपा के असंतुष्ट नेताओं की ही पहल है, क्योंकि उन्हें संगठन में पर्याप्त सम्मान नहीं मिल रहा है।

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