हिमाचल प्रदेश के मंडी जिले के पंडोह में लाल पुल के स्थान पर जल्द ही वैली ब्रिज का निर्माण किया जाएगा। लोक निर्माण विभाग (PWD) ने इस पुल के लिए लगभग 12 करोड़ रुपये की विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) तैयार कर प्रदेश सरकार को भेज दी है। डीपीआर को मंजूरी मिलते ही इस पुल का निर्माण कार्य शुरू कर दिया जाएगा।
यह घोषणा मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने 3 दिसंबर को बाखली नेचर पार्क में की थी। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व मंत्री कौल सिंह ठाकुर ने इस पुल के निर्माण की पैरवी करते हुए इसे जल्द से जल्द बनाने की मांग उठाई थी।
PWD थलौट मंडल के अधिशासी अभियंता विनोद शर्मा ने बताया कि सरकार के निर्देशों के बाद डीपीआर तैयार की गई है। जैसे ही बजट का प्रावधान होगा, निर्माण कार्य शुरू कर दिया जाएगा।

क्षेत्र के लोगों को राहत की उम्मीद
पंडोह और उसके आसपास के इलाकों, विशेषकर इलाका बदार के निवासियों के लिए यह पुल बेहद महत्वपूर्ण है। वर्तमान में, इन पंचायतों के लोगों को 7 से 8 किलोमीटर का अतिरिक्त सफर करना पड़ता है, जिससे उन्हें काफी परेशानी होती है। पुराने पुल के टूटने के कारण पंडोह बाजार की आर्थिकी पर भी नकारात्मक प्रभाव पड़ा है। अब मुख्यमंत्री की घोषणा के बाद डीपीआर बनने से स्थानीय लोगों को एक बार फिर उम्मीद जगी है कि जल्द ही उनकी समस्याएं हल होंगी।
पिछली डीपीआर और बजट की कमी
यह पहली बार नहीं है जब इस पुल के लिए डीपीआर बनाई गई है। 2023 की प्राकृतिक आपदा में लाल पुल के क्षतिग्रस्त होने के बाद, दो बार डीपीआर बनाई गई थी। पहली डीपीआर भारत सेतु योजना के तहत 21 करोड़ रुपये की थी, लेकिन केंद्र सरकार से बजट नहीं मिला। दूसरी बार, लोक निर्माण मंत्री विक्रमादित्य सिंह ने प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना के तहत पुल बनाने का निर्णय लिया और नई डीपीआर तैयार की गई। इसके बावजूद बजट की कमी के चलते काम शुरू नहीं हो सका। अब सरकार ने वैली ब्रिज बनाने का निर्णय लिया है, जिसकी लागत 12 करोड़ रुपये आंकी गई है।
विकास कार्यों की निगरानी
इस बार सरकार और विभाग की त्वरित कार्रवाई से स्थानीय लोगों को उम्मीद है कि काम जल्द शुरू होगा। पुल के निर्माण से न केवल यात्रा सुगम होगी, बल्कि पंडोह बाजार की अर्थव्यवस्था में भी सुधार आएगा।
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