जिला कांगड़ा के नगरोटा बगवां में एक बड़े टूरिज्म प्रोजेक्ट का रास्ता अब पूरी तरह साफ हो गया है। करीब 180 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाला यह प्रोजेक्ट क्षेत्र के पर्यटन नक्शे को नई पहचान देने वाला है। इस प्रोजेक्ट के तहत हिमाचल पर्यटन विकास निगम (एचपीटीडीसी) का अब तक का सबसे बड़ा होटल, अंतरराष्ट्रीय स्तर का म्यूजिकल फाउंटेन और हजारों लोगों की क्षमता वाला बैंक्वेट हॉल तैयार किया जाएगा। इस महत्वाकांक्षी परियोजना को एशियन डेवलपमेंट बैंक (एडीबी) से मंजूरी मिल चुकी है और इसके लिए टेंडर प्रक्रिया भी शुरू हो गई है, जिसकी अंतिम तिथि 6 अप्रैल निर्धारित की गई है।
शिमला में आयोजित एक पत्रकार वार्ता के दौरान एचपीटीडीसी के चेयरमैन आरएस बाली ने बताया कि यह प्रोजेक्ट हिमाचल का सबसे बड़ा टूरिज्म प्रोजेक्ट होगा। उन्होंने कहा कि यहां बनने वाला म्यूजिकल फाउंटेन अंतरराष्ट्रीय कंपनी द्वारा डिजाइन किया गया है और पूरे प्रोजेक्ट को वेडिंग डेस्टिनेशन के रूप में विकसित किया जाएगा, जिससे यह स्थान देश-विदेश के पर्यटकों के लिए आकर्षण का केंद्र बनेगा।
आरएस बाली ने बताया कि इस प्रोजेक्ट की लोकेशन एयरपोर्ट के नजदीक है और धर्मशाला व पालमपुर जैसे प्रमुख पर्यटन स्थल भी यहां से पास में हैं, जिससे इसकी उपयोगिता और बढ़ जाती है। उन्होंने यह भी जानकारी दी कि पालमपुर और हमीरपुर में 10-10 करोड़ रुपये की लागत से हेलिपोर्ट बनाए जाएंगे। इसके अलावा नादौन और देहरा में बन रहे एचपीटीडीसी के टूरिज्म कॉम्प्लेक्स पर 15-15 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे।
उन्होंने बताया कि शिमला स्थित होटल होलीडे होम का 45 करोड़ रुपये की लागत से नवीनीकरण किया जाएगा, जबकि होटल हमीर का 20 करोड़ रुपये और ज्वालाजी के होटल व टूरिज्म कॉम्प्लेक्स का 35 करोड़ रुपये से रेनोवेशन होगा। उन्होंने कहा कि कई होटल पुराने हो चुके हैं, इसलिए उन्हें आधुनिक बनाने का निर्णय लिया गया है। इन सभी प्रोजेक्ट्स के लिए एडीबी से करीब 2500 करोड़ रुपये की वित्तीय सहायता मिल रही है।
आरएस बाली ने यह भी कहा कि रेनोवेशन के दौरान होटल बंद रहने से आय पर असर पड़ेगा, इसलिए सरकार से आग्रह किया गया है कि कर्मचारियों के वेतन को रेनोवेशन खर्च में शामिल किया जाए ताकि किसी कर्मचारी को नुकसान न हो। उन्होंने बताया कि कांगड़ा एयरपोर्ट विस्तार योजना भी तेजी से आगे बढ़ रही है और इसके पूरा होने पर यहां बोइंग और एयरबस जैसे बड़े विमान उतर सकेंगे, जिससे पर्यटन को बड़ा बढ़ावा मिलेगा।
इसके अलावा, मंत्रिमंडल ने एचपीटीडीसी के कुछ होटलों को ऑपरेशन एंड मेंटेनेंस (ओएनएम) के तहत देने का निर्णय लिया है। उन्होंने कहा कि निगम के पास करीब 60 होटल हैं और सभी का रेनोवेशन एक साथ करना संभव नहीं है, इसलिए कुछ होटलों के लिए वैकल्पिक मॉडल अपनाया जा रहा है। आरएस बाली ने यह भी बताया कि एचपीटीडीसी का टर्नओवर लगातार तीसरे साल 100 करोड़ रुपये से अधिक रहा है, जो निगम के बेहतर प्रदर्शन का संकेत है।
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