जिला कांगड़ा में ATS (ऑटोमेटिक टेस्टिंग स्टेशन) व्यवस्था के विरोध में सोमवार को टैक्सी, ऑटो और निजी बस ऑपरेटर सड़कों पर उतर आए और मंडी-पठानकोट नेशनल हाईवे-154 पर चक्का जाम कर दिया। इस दौरान पूरे हाईवे पर लंबा जाम लग गया और यातायात पूरी तरह बाधित हो गया, जिससे आम लोगों और यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।



प्रदर्शनकारियों का कहना है कि प्रदेश सरकार द्वारा लागू की गई नई वाहन पासिंग व्यवस्था पूरी तरह अव्यवहारिक है। जिला कांगड़ा जैसे बड़े क्षेत्र में केवल देहरा में एक ही ATS केंद्र स्थापित किया गया है, जिससे दूर-दराज के ऑपरेटरों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। पहले जहां जिले में 21 स्थानों पर वाहन पासिंग की सुविधा उपलब्ध थी, वहीं अब एक ही केंद्र होने से ऑपरेटरों का काम प्रभावित हो रहा है।
ऑपरेटरों ने सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और पीली नंबर प्लेट वाली सभी गाड़ियों को सड़कों पर रोक दिया। उनका कहना है कि यदि सरकार उनकी मांगों को नहीं मानती, तो यह हड़ताल आगे और तेज होगी और सभी प्रकार के वाहन पूरी तरह बंद कर दिए जाएंगे।



इस हड़ताल का असर आम यात्रियों पर भी साफ दिखाई दिया। यात्री यामना देवी ने बताया कि वह अपने बच्चे को कांगड़ा स्कूल छोड़ने जा रही थीं, लेकिन शाहपुर के चंबी में उनकी गाड़ी रोक दी गई और आगे जाने नहीं दिया गया। उन्होंने कहा कि उनकी निजी गाड़ी होने के बावजूद उन्हें रोका गया, जिससे उन्हें परेशानी उठानी पड़ी।
वहीं एक अन्य यात्री आरती ने कहा कि हड़ताल के कारण आम लोगों को बहुत दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने सवाल उठाया कि अगर यह विरोध पीली नंबर प्लेट वाली गाड़ियों को लेकर है, तो निजी वाहनों को क्यों रोका जा रहा है। उन्होंने कहा कि विरोध करना जायज है, लेकिन इसका असर आम जनता पर नहीं पड़ना चाहिए।



शाहपुर टैक्सी यूनियन के सदस्य पंकज सिंह राणा ने आरोप लगाया कि सरकार ने ATS सिस्टम को जबरन लागू किया है। उन्होंने कहा कि जिला कांगड़ा के हर उपमंडल में इसे लागू करने का सुझाव दिया गया था, लेकिन एक ही स्थान पर इसे स्थापित कर ऑपरेटरों को परेशानी में डाला गया है। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर सरकार ने जल्द उनकी मांगें नहीं मानीं, तो आंदोलन और उग्र होगा और सड़कों पर कोई भी वाहन नहीं चलने दिया जाएगा।
निजी बस ऑपरेटर शाहपुर के अध्यक्ष रवि दत्त शर्मा ने कहा कि सरकार और प्रशासन से कई बार बातचीत की गई, लेकिन कोई समाधान नहीं निकला। उन्होंने बताया कि जिले में करीब 1000 निजी बसें और टैक्सियां हैं, और अगर शाम तक मांगें नहीं मानी गईं तो अगले दिन पूरी तरह से यातायात ठप कर दिया जाएगा।
फिलहाल, इस चक्का जाम ने पूरे जिले में यातायात व्यवस्था को प्रभावित कर दिया है और लोग सरकार के अगले कदम का इंतजार कर रहे हैं।
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