हिमाचल प्रदेश सरकार को वित्तीय दबाव का सामना करना पड़ सकता है क्योंकि 16वें वित्त आयोग द्वारा प्रस्तावित राजस्व घाटा अनुदान (RDG) बंद होने का संकेत दिया गया है। एक वरिष्ठ अधिकारी ने सोमवार को बताया कि इसके चलते राज्य सरकार को कई कठिन निर्णय लेने पड़ सकते हैं। इनमें सब्सिडी वापस लेना, पिछले दो साल से रिक्त पड़े पदों को समाप्त करना, महंगाई भत्ते (डीए) और महंगाई राहत की बकाया किस्तों पर रोक लगाना शामिल हो सकता है।
वित्त विभाग द्वारा रविवार को दिए गए प्रस्तुतीकरण में यह स्पष्ट किया गया कि RDG के बंद होने से हिमाचल सड़क परिवहन निगम (एचआरटीसी) की सब्सिडी, राशन, बिजली, पानी और कूड़े के बिलों पर दी जाने वाली रियायतें प्रभावित हो सकती हैं। वित्त विभाग के प्रमुख सचिव देवेश कुमार ने कहा कि ये सिफारिशें हैं और अंतिम निर्णय राज्य सरकार लेगी।
मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने बताया कि प्रस्तावित 37,199 करोड़ रुपये के RDG अनुदान के बंद होने से हिमाचल प्रदेश के वार्षिक बजट पर गहरा असर पड़ेगा। इस अनुदान से राज्य बजट का लगभग 12.7 प्रतिशत हिस्सा आता है। वित्त आयोग की रिपोर्ट के अनुसार, सरकारी संस्थानों में कम से कम 30 प्रतिशत छंटनी या कुछ संस्थानों को बंद करना भी विकल्प के तौर पर सामने आ सकता है, जबकि नए वेतन आयोग या वेतन संशोधन को फिलहाल स्थगित करने पर भी विचार किया जा सकता है।
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