हमीरपुर में स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराने के दावे एक बार फिर सवालों के घेरे में आ गए हैं। गर्मियों की शुरुआत से पहले ही बडू क्षेत्र में पीलिया के बढ़ते मामलों ने जल शक्ति विभाग की व्यवस्थाओं पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। हालात यह हैं कि इलाके के कई गांवों में लोग जलजनित बीमारी की चपेट में आ गए हैं, जिससे स्थानीय लोगों में चिंता का माहौल है।
स्वास्थ्य विभाग की ओर से पानी के सैंपल जांच के लिए लिए गए थे, जिनमें से तीन सैंपल की रिपोर्ट सामने आई है। रिपोर्ट में पानी की शुद्धता पर सवाल उठाए गए हैं और बताया गया है कि पानी पूरी तरह सुरक्षित नहीं है। विशेषज्ञों का मानना है कि दूषित पानी के कारण बीमारी फैलने की आशंका बढ़ जाती है।
फिलहाल बडू क्षेत्र के नौ गांवों में अब तक पीलिया से पीड़ित 44 लोगों के मामले सामने आ चुके हैं। पहले यह बीमारी आठ गांवों तक सीमित थी, लेकिन अब इसके साथ लगते भाटी गांव से भी तीन लोग संक्रमित पाए गए हैं। इससे क्षेत्र में बीमारी फैलने की चिंता और बढ़ गई है।
यह पहला मौका नहीं है जब जिले में जलजनित रोग सामने आए हों। इससे पहले भी अलग-अलग समय पर दूषित पानी के कारण ऐसे मामले सामने आते रहे हैं। कुछ समय पहले आईटीआई रैल क्षेत्र में भी पीलिया के मामले सामने आए थे। उससे पहले रंगस इलाके में भी दूषित पानी की वजह से लोगों के बीमार पड़ने की खबरें सामने आई थीं।
स्थानीय लोगों का कहना है कि जल शक्ति विभाग की ओर से समय-समय पर स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराने के दावे किए जाते हैं, लेकिन हर साल किसी न किसी क्षेत्र में दूषित पानी से बीमारी फैलने के मामले सामने आ जाते हैं। अब लोगों की मांग है कि पानी की गुणवत्ता की नियमित जांच की जाए और प्रभावित क्षेत्रों में जल्द सुधारात्मक कदम उठाए जाएं, ताकि बीमारी को और फैलने से रोका जा सके।
For advertisements inquiries on HIM Live TV, Kindly contact us!
Connect with us on Facebook and WhatsApp for the latest updates!