FASTag नहीं तो जेब होगी ढीली! 10 अप्रैल से UPI पेमेंट पर देना होगा 25% ज्यादा टोल

राष्ट्रीय राजमार्गों पर सफर करने वालों के लिए एक बड़ा बदलाव आने वाला है, जो सीधे उनकी जेब पर असर डाल सकता है। केंद्र सरकार ने टोल भुगतान व्यवस्था को और ज्यादा डिजिटल और सख्त बनाने के लिए नया नियम लागू करने का फैसला लिया है। अब अगर कोई वाहन चालक बिना फास्टैग या खराब फास्टैग के साथ टोल प्लाजा पर पहुंचता है और यूपीआई के जरिए भुगतान करता है, तो उसे निर्धारित शुल्क से 25 प्रतिशत ज्यादा राशि देनी होगी। यह नया नियम 10 अप्रैल से पूरे देश में लागू होगा, जिसमें कीरतपुर-मनाली फोरलेन के टोल प्लाजा भी शामिल हैं।

सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय द्वारा जारी अधिसूचना के अनुसार, राष्ट्रीय राजमार्ग फीस (दर निर्धारण और संग्रहण) नियम, 2008 में संशोधन किया गया है। नए नियम के तहत, यदि किसी वाहन में वैध और काम करने वाला फास्टैग नहीं है और चालक यूपीआई से टोल चुकाता है, तो उसे 1.25 गुना शुल्क देना अनिवार्य होगा। उदाहरण के तौर पर, यदि टोल शुल्क 100 रुपये है तो ऐसे में चालक को 125 रुपये का भुगतान करना पड़ेगा।

सरकार का कहना है कि यह फैसला टोल प्लाजा पर ट्रैफिक को सुगम बनाने, नकद या अन्य भुगतान से होने वाली देरी को कम करने और फास्टैग आधारित डिजिटल प्रणाली को मजबूत करने के लिए लिया गया है। इससे न केवल जाम की समस्या कम होगी बल्कि टोल संग्रहण में पारदर्शिता भी बढ़ेगी।

वहीं, यदि कोई वाहन चालक निर्धारित नियमों के अनुसार भुगतान नहीं करता है, तो उसके खिलाफ नियम 14 के तहत कार्रवाई की जा सकती है। एनएचएआई पीआईयू मंडी के परियोजना निदेशक वरुण चारी ने भी स्पष्ट किया है कि अधिसूचना के अनुसार ही सभी टोल प्लाजा पर नियम लागू होंगे और वाहन चालकों को अपना फास्टैग सक्रिय और सही स्थिति में रखना चाहिए।

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