Kangra: डोहब मेले में गूंजा बड़ा संदेश, राहिल सम्याल बोले— “नशे को जड़ से खत्म कर बनाएं शाहपुर को चिट्टा मुक्त”

डोहब मेले के दौरान एक बार फिर पहाड़ी संस्कृति और सामाजिक जागरूकता का अनोखा संगम देखने को मिला। इस मौके पर राहिल सम्याल ने मेले की अहमियत को बताते हुए कहा कि मेले केवल मनोरंजन का साधन नहीं, बल्कि हमारी संस्कृति का आईना होते हैं, जहां लोग अपने बचपन के दोस्तों और पुराने साथियों से मिलते हैं और रिश्तों को फिर से ताजा करते हैं।

उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजन समाज को जोड़ने का काम करते हैं और हमें अपनी जड़ों से जुड़े रहने की प्रेरणा देते हैं। राहिल सम्याल ने मेले में उपस्थित लोगों से अपील करते हुए नशे के खिलाफ एकजुट होने का संदेश भी दिया। उन्होंने कहा कि अगर समाज मिलकर ठान ले, तो नशे जैसी बुराई को जड़ से खत्म किया जा सकता है।

उन्होंने खास तौर पर डोहब और शाहपुर क्षेत्र का जिक्र करते हुए कहा कि हमें मिलकर इन इलाकों को ‘चिट्टा मुक्त’ बनाना होगा। इसके लिए युवाओं, अभिभावकों और समाज के हर वर्ग को आगे आना होगा। उनका कहना था कि नशा केवल व्यक्ति ही नहीं, बल्कि पूरे समाज और आने वाली पीढ़ियों को प्रभावित करता है।

मेले के इस मंच से दिया गया यह संदेश लोगों के बीच चर्चा का विषय बना रहा। सांस्कृतिक उत्सव के बीच सामाजिक जागरूकता का यह प्रयास लोगों को सोचने पर मजबूर कर गया।

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