Bilaspur: बिलासपुर RLA में बड़ा खेल! दिल्ली क्राइम ब्रांच ने DC ऑफिस के कर्मचारी को दबोचा, VIP नंबर और फर्जी रजिस्ट्रेशन की जांच

जिला मुख्यालय स्थित एसडीएम कार्यालय की रजिस्ट्रेशन एंड लाइसेंसिंग अथॉरिटी यानी आरएलए इन दिनों दिल्ली क्राइम ब्रांच की जांच के घेरे में आ गई है। सेकेंड हैंड और थर्ड हैंड वाहनों को फर्स्ट हैंड बताकर पंजीकरण करने, सेल-पर्चेज में कथित अनियमितताओं और वीआईपी नंबर आबंटन में गड़बड़ी की गंभीर आशंकाओं के बीच दिल्ली क्राइम ब्रांच की टीम ने बिलासपुर पहुंचकर बड़ी कार्रवाई की है।

जानकारी के अनुसार, दिल्ली क्राइम ब्रांच ने उपायुक्त कार्यालय में तैनात एक कर्मचारी को हिरासत में लिया है और उससे जुड़े अहम रिकॉर्ड जब्त किए हैं। इसके बाद कर्मचारी को पूछताछ के लिए दिल्ली ले जाया गया है। बताया जा रहा है कि जांच एक ऐसी गाड़ी से शुरू हुई, जिसका इस्तेमाल चोरी की वारदातों में किया गया था। हैरानी की बात यह रही कि वह वाहन बिलासपुर की आरएलए शाखा में पंजीकृत पाया गया।

जांच के दौरान यह भी सामने आया कि कुछ मामलों में सेकेंड हैंड गाड़ियों को फर्स्ट हैंड दिखाकर आरएलए में रजिस्ट्रेशन किया गया। इसी कड़ी में कई संदिग्ध रजिस्ट्रेशन और वीआईपी नंबर आबंटन को लेकर भी जांच को आगे बढ़ाया गया है।

सूत्रों के मुताबिक, हिरासत में लिया गया कर्मचारी वर्तमान में उपायुक्त कार्यालय में सीनियर असिस्टेंट के पद पर तैनात है। इससे पहले वह सदर बिलासपुर स्थित आरएलए ब्रांच में डीलिंग हैंड के रूप में कार्यरत था। आरोप है कि उसके कार्यकाल के दौरान वाहन पंजीकरण और नंबर आबंटन की प्रक्रिया में नियमों को दरकिनार कर अवैध वसूली की गई और लाखों रुपये का लेन-देन हुआ।

दिल्ली क्राइम ब्रांच ने शिकायतों के आधार पर पहले इस पूरे मामले की जांच शुरू की थी। प्रारंभिक जांच में अहम सबूत मिलने के बाद टीम बिलासपुर पहुंची और जिला प्रशासन से संपर्क कर संबंधित कर्मचारी के कार्यकाल से जुड़ा पूरा रिकॉर्ड तलब किया। इसके बाद कर्मचारी को औपचारिक रूप से गिरफ्तार कर आवश्यक दस्तावेजों के साथ दिल्ली ले जाया गया, जहां उससे गहन पूछताछ की जाएगी।

सूत्रों का कहना है कि पूछताछ के दौरान इस नेटवर्क से जुड़े अन्य नाम भी सामने आ सकते हैं। यदि जांच में अन्य अधिकारी या बाहरी लोग संलिप्त पाए गए तो उनके खिलाफ भी सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। दिल्ली क्राइम ब्रांच की इस कार्रवाई से पूरे सरकारी महकमे में हड़कंप मचा हुआ है और आरएलए ब्रांच के पुराने रिकॉर्ड खंगाले जा रहे हैं।

उपायुक्त बिलासपुर राहुल कुमार ने बताया कि मामला काफी पुराना है और गिरफ्तार कर्मचारी उस समय आरएलए ब्रांच में डीलिंग हैंड के पद पर तैनात था। उन्होंने कहा कि दिल्ली क्राइम ब्रांच की टीम कर्मचारी को आवश्यक दस्तावेजों के साथ पूछताछ के लिए अपने साथ ले गई है और जिला प्रशासन जांच एजेंसी को पूरा सहयोग दे रहा है।

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