Himachal: HRTC और सरकार पर जेएनएनयूआरएम बसें अवैध चलाने का आरोप, निजी ऑपरेटरों ने दिया 15 दिन का अल्टीमेटम

हिमाचल प्रदेश में निजी बस ऑपरेटरों ने सरकार और एचआरटीसी पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि जेएनएनयूआरएम योजना के तहत खरीदी गई बसें नियमों का उल्लंघन करते हुए क्लस्टर क्षेत्रों के बाहर भी चलाई जा रही हैं। बस एवं कार ऑपरेटर कन्फेडरेशन ऑफ इंडिया के राज्य अध्यक्ष मनोज राणा और हिमाचल प्रदेश निजी बस ऑपरेटर संघ के पदाधिकारियों ने बताया कि इन बसों को केवल निर्धारित क्लस्टर क्षेत्रों में चलाना था, लेकिन पिछले दस वर्षों से अधिक समय से इन्हें पठानकोट, तलवाड़ा, होशियारपुर, नालागढ़, बद्दी, कालका, अंबाला और चंडीगढ़ जैसे लंबी दूरी के मार्गों पर अवैध रूप से चलाया जा रहा है।

पदाधिकारियों का कहना है कि हाईकोर्ट ने स्पष्ट आदेश दिए हैं कि जेएनएनयूआरएम बसें क्लस्टर से बाहर नहीं चलेंगी, लेकिन एचआरटीसी और परिवहन विभाग जानबूझकर इन आदेशों की अवहेलना कर रहे हैं। उन्होंने इसे सीधे अदालत की अवमानना करार दिया।

निजी बस ऑपरेटरों का आरोप है कि वे नियमित रूप से विशेष सड़क कर और टोकन कर का भुगतान कर रहे हैं, जबकि जेएनएनयूआरएम बसें समान मार्गों पर और समान किराए पर चलने के बावजूद कर मुक्त हैं। इससे निजी ऑपरेटरों को भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है।

दोनों संघों ने सरकार से मांग की है कि अवैध संचालन करने वाले अधिकारियों की जिम्मेदारी तय की जाए और पिछले दस वर्षों का विशेष सड़क कर और टोकन कर वसूला जाए। यदि सरकार इसे लागू नहीं करती है, तो निजी ऑपरेटरों को समान कर छूट दी जाए। संघों ने चेतावनी दी है कि यदि 15 दिनों में इस मामले का समाधान नहीं हुआ, तो वे उच्च न्यायालय में याचिका, अवमानना कार्यवाही, राज्यव्यापी आंदोलन और हड़ताल जैसे कदम उठाएंगे।

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