Himachal: हिमाचल के घने जंगलों पर वन माफिया का हमला, जेसीबी से रास्ता बनाकर सैकड़ों पेड़ों का सफाया

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हिमाचल प्रदेश में वन माफिया का दुस्साहस लगातार बढ़ता जा रहा है। अब तक जहां अवैध कटान अधिकतर निजी भूमि से सटे जंगलों या सरकारी जमीन तक सीमित था, वहीं अब माफिया सीधे घने जंगलों के भीतर तक पहुंचकर बड़े पैमाने पर पेड़ों का सफाया कर रहा है। ताजा और चौंकाने वाला मामला नूरपुर विधानसभा क्षेत्र की थोड़ा और भलूण पंचायतों से सामने आया है, जहां खैर के सैकड़ों पेड़ों की अवैध कटाई की गई है।

हैरानी की बात यह है कि इतने बड़े पैमाने पर हुए इस अवैध कटान की भनक भी समय रहते वन विभाग को नहीं लग पाई। स्थानीय निवासियों चौहान रणवीर, मीनू और बिल्लूदीन ने बताया कि वन माफिया ने घने जंगल तक पहुंचने के लिए जेसीबी मशीन का इस्तेमाल कर बाकायदा रास्ता तैयार किया। इसके बाद मोटे तनों और बड़े आकार के खैर के पेड़ों को बेरहमी से काट दिया गया।

सूत्रों के अनुसार, इसी सप्ताह भलूण पंचायत के क्यारियां नामक स्थान पर वन काटुओं ने लगभग 40 कश्मीरी मजदूरों की मदद से खैर के वृक्षों का कथित रूप से कटान किया। इस पूरे मामले की जानकारी नूरपुर स्थित वनमंडल अधिकारी को भी दी गई थी, जिन्होंने जांच कर कार्रवाई का भरोसा दिलाया था।

क्षेत्र में इस तरह की घटनाओं को लेकर चर्चाएं तेज हैं और लोगों में नाराजगी है। स्थानीय लोग सवाल उठा रहे हैं कि आखिर वन विभाग कब तक वन माफिया पर लगाम लगाएगा और घने जंगलों को बचाने के लिए ठोस कदम कब उठाए जाएंगे।

इस संबंध में नूरपुर के वनमंडल अधिकारी संदीप कोहली ने कहा कि मामले की जांच प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। जांच रिपोर्ट आने के बाद विभाग अगली कार्रवाई करेगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि जांच में विभाग का कोई भी कर्मचारी दोषी पाया जाता है, तो उसके खिलाफ सबूतों के आधार पर जनहित में सख्त कार्रवाई की जाएगी।

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